ਬਿਉਰੋ ਰਿਪੋਰਟ : (ਸਾਰਾ ਯਹਾ,ਬਲਜੀਤ ਸ਼ਰਮਾ) : अमित शाह ने कहा कि इस सरकार में मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी के होंगे और उपमुख्यमंत्री जेजेपी की तरफ से होगा. उन्होंने कहा कि इसके अलावा कई सारे निर्दलीय विधायकों ने भी इस गठबंधन को अपना समर्थन दिया है. कल भारतीय जनता पार्टी के विधिवत नेता चुनने के बाद सरकार बनाने की आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और अगले पांच साल तक भारतीय जनता पार्टी और जेजेपी की सरकार हरियाणा के विकास को मोदी जी के नेतृत्व में आगे ले जाएगी. उन्होंने कहा कि हरियाणा की जनता ने जो जनादेश दिया है उसके स्पीरिट को ध्यान में रखकर भारतीय जनता पार्टी और जेजेपी दोनों के नेताओं ने यह निर्णय लिया है.
बता दें कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में BJP ने ‘अबकी बार 75 पार’ नारा दिया था, लेकिन पार्टी उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रही. 90 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 46 है. बीजेपी को 40 सीटों पर जीत मिली है. सरकार बनाने के लिए उसे 6 सीटों की जरूरत थी.
इससे पहले आज ही हरियाणा (Haryana) विधानसभा चुनाव में ‘किंगमेकर’ बनकर उभरी जननायक जनता पार्टी (JJP) के अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला (Dushyant Chautala) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. बीजेपी (BJP) को समर्थन देने के सवाल पर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हमारे पास दोनों रास्ते (BJP-कांग्रेस) खुले हुए हैं. उन्होंने कहा था कि हम उस पार्टी को समर्थन देंगे जो हमारे एजेंडे को आगे बढ़ाएगा. उन्होंने कहा कि हम बात करेंगे, लेकिन अभी हमने क्लीयर बात नहीं की है. राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने मुझे अधिकृत किया है, जिसके बाद हम अब दोनों पार्टियों से बात करेंगे. उन्होंने कहा कि अगर स्टेबल सरकार चाहिए तो आज भी चाभी मेरे पास है.
दुष्यंत चौटाला (Dushyant Chautala) ने कहा कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कई लोगों ने कांग्रेस और कई ने बीजेपी के साथ जाने की बात कही. राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने मुझे अधिकृत किया है ‘कॉमन मिनिमम प्रोग्राम’ के तहत वृद्धा पेंशन और दूसरी मांगों पर जो दल सहमत होगा उसके साथ जेजेपी जाएगी और सरकार बनाने में मदद करेगी. हम पॉजिटिव हैं हरियाणा को आगे ले जाने के लिए. क्राइम कंट्रोल हो. युवा का रोजगार हमारी प्राथमिकता है. युवाओं को रोजगार और पेंशन भी हमारी प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि बीजेपी को अगर नंबर है तो हमारी शुभकामनाएं. हमे 15 फीसदी वोट मिले जिसमें युवाओं का साथ मिला. दुष्यंत चौटाला ने कहा कि बाहर से समर्थन का तो मतलब ही नहीं. अगर किसी पार्टी को सपोर्ट करेंगे तो सरकार में अंदर रहेंगे